गुरुवार, 31 जुलाई 2008

इश्क़ है आसाँ मगर...

इश्क़ है आसाँ मगर मुश्किल भी है
है वही महबूब जो क़ातिल भी है

दिल लुटाना है तो पहले देख ले
क्या तेरे पहलू में कोई दिल भी है

उनकी आंखों का समंदर तैर लूँ
उस तरफ़ बांहों का इक साहिल भी है

वो मिरी आंखों से छुपता है मगर
वो मिरे हर दर्द में शामिल भी है

रात रोकर इश्क़ में काटी तो है
क्या तेरे इस दर्द का हासिल भी है

है ख़बर उसको मिरे अंदाज़ की
वो मिरे एहसास से गाफिल भी है

जिंदगी गुजरी है 'तनहा' राह में
साथ में जैसे चली मंजिल भी है

- प्रमोद कुमार कुश ' तनहा '

15 टिप्‍पणियां:

परमजीत बाली ने कहा…

प्रमोद जी,बहुत बढिया गजल है।

इश्क़ है आसाँ मगर मुश्किल भी है
है वही महबूब जो क़ातिल भी है

विनय प्रजापति 'नज़र' ने कहा…

it is a finest ghazal!

राकेश खंडेलवाल ने कहा…

उनकी आंखों का समंदर तैर लूँ
उस तरफ़ बांहों का इक साहिल भी है

कुशजी,

बहुर खूबसूरत. दाद कबूलें

seema gupta ने कहा…

वो मिरी आंखों से छुपता है मगर
वो मिरे हर दर्द में शामिल भी है

रात रोकर इश्क़ में काटी तो है
क्या तेरे इस दर्द का हासिल भी है
" behtreen....full of feelings"

*KHUSHI* ने कहा…

वो मिरी आंखों से छुपता है मगर
वो मिरे हर दर्द में शामिल भी है


wah Tanhaji....

Ila's world, in and out ने कहा…

कुशजी,आप मेरे ब्लोग पर आये उसके लिये तहे दिल से शुक्रिया.और एक शुक्रिया बेहतरीन गज़ल के लिये.

Ila's world, in and out ने कहा…

कुशजी,आप मेरे ब्लोग पर आये उसके लिये तहे दिल से शुक्रिया.और एक शुक्रिया बेहतरीन गज़ल के लिये.

ilesh ने कहा…

रात रोकर इश्क़ में काटी तो है
क्या तेरे इस दर्द का हासिल भी है

utkrusht creation......

विक्रांत बेशर्मा ने कहा…

उनकी आंखों का समंदर तैर लूँ
उस तरफ़ बांहों का इक साहिल भी है

वो मिरी आंखों से छुपता है मगर
वो मिरे हर दर्द में शामिल भी है

बहुत अच्छी ग़ज़ल है कुश जी!!!!!

जन्माष्टमी कि हार्दिक शुभकामनाएं

Manoshi ने कहा…

बहुत सुंदर। मेरे ब्लाग को पढ़ने का शुक्रिया।

shama ने कहा…

"....unke pehloome dilbhee hai!" Behad achha laga is gazalko padhna...pooree gazal yaad kar leneka man karta hai.

vishnu-luvingheart ने कहा…

इश्क़ है आसाँ मगर मुश्किल भी है
है वही महबूब जो क़ातिल भी है ...
i think it's fact....who really luvs...
i copied above two lines only for complement...but actually whole poem is ....i must say in one word "Marvellous"
keep it up...

ilesh ने कहा…

वो मिरी आंखों से छुपता है मगर
वो मिरे हर दर्द में शामिल भी है

umda........

अल्पना वर्मा ने कहा…

रात रोकर इश्क़ में काटी तो है
क्या तेरे इस दर्द का हासिल भी है
bahut khuub!

mere blog par aap aaye -dhnywaad.

-singing seriously kahan le paungi--bas apni dil ki taslalee ke liye ga leti hun :)

Here We Go ने कहा…

pramod ka matlab amusing and those amusing gazals jaise
sone pe suhaga
-http://www.sushantakumarblogspot.com