गुरुवार, 27 दिसंबर 2007

बचकर चला करें ...

हैं आप माहताब तो बेशक हुआ करें
रोशन यहाँ चराग है बचकर चला करें


एक और मुलाकात को वो बेकरार हो
बस पहली मुलाक़ात पे इतना खुला करें

हमने दवा तो की मगर रिश्ते न बच सके
अब दूरियां निभा सकें आओ दुआ करें

खामोशियों का और ही मतलब न ले कोई
होठों का इस्तेमाल भी थोडा किया करें

जाती हैं हिचकियाँ हमें मुश्किल में डाल के
'तनहा' का नाम रात को कम ही लिया करें

- प्रमोद कुमार कुश ' तनहा '

2 टिप्‍पणियां:

mehek ने कहा…

kya baat hai gazab

Parul ने कहा…

kya baat hai..mureed hue..