बुधवार, 1 अप्रैल 2009

कौन है कवि ?

गीत !
नहीं , प्रियतमा की याद
यादों से प्रीत
बन जाती है स्वयं गीत !

मुझे याद है
प्रथम मिलन
तुम शाम ढले
दरिया किनारे
नयनों के दरिया से
छलका गयीं थी ' प्रेम '
दे गयीं थी ' मीठी चुभन '
बन गयी जो ' चाह'
चाह की भावना के ' शब्द '
यही शब्द सजोये मैंने
बना कर गीत !

तुम ही कहो
कौन है कवि ?
मैं या तुम
या हम दोनों की प्रीत !!!

7 टिप्‍पणियां:

*KHUSHI* ने कहा…

तुम ही कहो
कौन है कवि ?
मैं या तुम
या हम दोनों की प्रीत !!!

badhiya... pramodji, lambe arse ke baad aap laut aaye apne blog par..woh bhi itni sundar rachana ke saath..

Shama ने कहा…

Behad sundar likhte hain aap..seedha saral, jisme ek kashish hotee hai...jaiski mai harbaar keh chuki hun, mai aapke likhepe tippanee de sakun itnee qabil nahee...
Mere any blogspebhi kabhi nazre inayat karen...shukrguzaar rahungi...

"Kaviata"
"Kahanee"
"Aajtakyahantak"
"Lalitlekh"
"Sansmaran"( jisme sampadan chalu hai, lekin sabse adhik posts vaheenpe hain.."
"Fiber art"
"Baagwaanee"
"Gruhsajja"
"Dharohar"
"Chindichindi"( jisme recycling kar, banaye hue bhitteechitr tatha linen aadike baareme likha hai...with pictures)
Sirf "Lizzat"me abhi kuchh post nahee kar payee hun.

seema gupta ने कहा…

तुम ही कहो
कौन है कवि ?
मैं या तुम
या हम दोनों की प्रीत !!!
" गीत सच में ही तो बन जाता है......और प्रीत ही गीत के जन्म का कारण बनती है.....सुंदर भावः और अभिव्यक्ति.."

regards

Reena ने कहा…

तुम ही कहो
कौन है कवि ?
मैं या तुम
या हम दोनों की प्रीत !!!
I like this poetry.

आकांक्षा~Akanksha ने कहा…

Apke shabd, apke bhav, apki prastuti...ek se badhkar ek !!

फ्रेण्डशिप-डे की शुभकामनायें. "शब्द-शिखर" पर देखें- ये दोस्ती हम नहीं तोडेंगे !!

vandana ने कहा…

bahut sundar abhivyakti.

kshama ने कहा…

बेहतरीन रचनाएँ हैं ! क्या कमाल का लिखते हैं आप ...!