शुक्रवार, 29 जनवरी 2010

बस तेरा सिर्फ तेरा मुझको साथ चाहिए ...

इस ज़िन्दगी को यार की सौग़ात चाहिए
प्यासी नज़र को प्यार की बरसात चाहिए

कब से मचल रहा है तेरे इंतज़ार में
इस बेक़रार दिल पे तेरा हाथ चाहिए

तू सामने बैठे मैं तुझे देखता रहूँ
मंज़र यही निगाह को दिन रात चाहिए

नींदों से इल्तिज़ा यही करता हूँ आजकल
ख़्वाबों में रोज़ तुमसे मुलाक़ात चाहिए

उनका ख़याल मेरा जुनूँ एक हो लिए
अब किस लिए ये डोली ये बारात चाहिए

दुनिया मिले मिले न मिले कोई ग़म नहीं
बस तेरा सिर्फ तेरा मुझको साथ चाहिए

- प्रमोद कुमार कुश 'तनहा'

14 टिप्‍पणियां:

shama ने कहा…

Harek lafz gadha hua hai...chuninda hai! Wah!

अनामिका की सदाये...... ने कहा…

mujhe lagta he maine is par pehle hi comments diya tha. bt anyway..bahut acchhi gazel likh di hai...kal aisa hi kahi.n me bhi kuchh likh rahi ..apki gazel se milta julta...

साथ दो प्रिये अगर
दूर हो मन की व्यथा
क्या दर्द और क्या अश्रू..
तुम रहो बस मेरे सदा.

singhsdm ने कहा…

प्रमोद जी
तू सामने बैठे मैं तुझे देखता रहूँ,
मंज़र यही निगाह को दिन रात चाहिये.
बहुत ही सुन्दर शेर...वाह वाह......!
पता नहीं क्यों आपके दर का पता नहीं मिला, अब आता रहूँगा......

*KHUSHI* ने कहा…

ek aur bahetareen rachana...

shikha varshney ने कहा…

bahut khubsurat rachna...badhai swikaren

shashisinghal ने कहा…

कुश जी ,
बडी़ अच्छी लाइनें लिखी हैं आपने । मुझे गजल या कविता लिखना नहीं आता मगर ये लाइनें पढ़कर मैं चंद लाइनें लिखने को मजबूर हो गई हूं कोई गलती हो गई हो तो माफ करना ।

साथी वो चाहे कोई हो
इसकी होती नहीं परवाह ,
इंसा को इंसा से
और चाहिए क्या
बस........
साथ हो उसका ऎसा..
जो जिंदगी की सौगात बनकर
हमेशा साथ रहे और
प्यार बरसाता रहे .......
शशि सिंघल
www.meraashiyana.blogspot.com

Priya ने कहा…

2nd last is too good . Pls remove word verification from your comment box .

श्याम कोरी 'उदय' ने कहा…

...सुन्दर गजल,बधाई !!!

kshama ने कहा…

Bahut sundar rachana!
Holee kee anek shubhkamnayen!

Priya ने कहा…

bahut khoob

kshama ने कहा…

Phir ekbaar aapki rachnayen padhane chali aayi!

kshama ने कहा…

Kya baat hai...bahut dinon se yahan kuchh likha nahi?

Pramod Kumar Kush 'tanha' ने कहा…

Kshama ji,Meray blog par aane aur apni shikayat rakhne ke liye shukriya...Pichhle doh mahino se mein apni audio album ki recording mein vyast raha.Writing ke alawa ismein music composition aur singing bhi maine ki hai.isliye koi nayee posting nahi kar paya.Ab meray album ki recording poori ho chuki hai.
bahut jald naye ghazal post karne ki koshish karunga.
Ek baar fir shukriya.

संजय भास्‍कर ने कहा…

आपका ब्लॉग पसंद आया....इस उम्मीद में की आगे भी ऐसे ही रचनाये पड़ने को मिलेंगी..!!

कभी फुर्सत मिले तो नाचीज़ की दहलीज़ पर भी आयें-